सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने 14वीं गढ़वाल राइफल्स में सिपाही के रूप में बिताए समय को किया याद

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने 14वीं गढ़वाल राइफल्स में सिपाही के रूप में बिताए समय को किया याद

देहरादून 01 सितम्बर। गढ़वाल राइफल्स की 14वीं बटालियन के 50वें स्थापना दिवस (गोल्डन जुबली) के अवसर पर देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक इंस्ट्यूट में पल्टन के पूर्व सैनिकों द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सुबे के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए दीप जलाकर किया। कार्यक्रम के दौरान, देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए मौन रखा गया। जोशी ने उन वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया, जिन्हें वीरता पदक मिले हैं।

 

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों को सम्बोधित करते हुए बटालियन के पूर्व सैनिकों को शुभकामनाएं दीं और 14वीं बटालियन गढ़वाल राइफल्स में अपनी सेवा के समय को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं जो कुछ भी हॅू, वह मेरे सैन्य बैकग्राउंड की वजह से हॅू‘‘ और रेजिमेंट के साथ बिताए अपने समय को याद किया। उन्होंने गढ़वाल राइफल्स को वीरता का प्रतीक बताया और इस क्षेत्र को वीरों और देशभक्तों की भूमि कहा। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 17 प्रतिशत सैनिक उत्तराखंड से आते हैं, जो कम आबादी वाला राज्य है।

 

सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने सशस्त्र बलों के प्रति विशेष लगाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और कहा कि मोदी सरकार ने पूर्व सैनिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों, जैसे वन रैंक वन पेंशन योजना, को पूरा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और राज्य सरकार शहीदों के परिवारों को नौकरी दे रही है। वीरता पदकों में बढ़ोतरी सहित राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी मंत्री ने दी। उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान में उत्तराखंड में सैन्यधाम का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और जल्द ही इसका लोकार्पण किया जाऐगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, और कहा कि वीर शहीदों एवं भारतीय सैन्य विरारत की वीरता और गौरवशाली इतिहास के स्मारक के रूप में काम करेगा।

 

समारोह के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों के साथ पुरानी यादों को ताजा किया, उनके साथ पारंपरिक नृत्य किया और बटालियन की 50 वर्षों की गौरवशाली उपलब्धियों, पदकों व शौर्य गाथाओं को याद करते हुए सभी को बधाई दी।

 

स्थापना दिवस का गौरव: सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि 1 सितंबर 1976 को कर्नल सौंधी के कुशल नेतृत्व में 14 गढ़वाल राइफल्स की स्थापना हुई थी, जिसमें उन्होंने स्वयं एक सिपाही के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।

 

शहीदों को श्रद्धांजलि: मंत्री जोशी ने 14 गढ़वाल राइफल्स के उन वीर जवानों को नमन किया और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया।

 

भटिंडा में आयोजित समारोह वर्तमान में बटालियन भटिंडा (पंजाब) में तैनात है। शासकीय कार्यो एवं पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वह व्यक्तिगत रूप से भटिंडा नहीं जा सके, लेकिन देहरादून में 14 गढ़वाल राइफल्स एक्स-सर्विसमेन एसोसिएशन के सदस्यों व पूर्व सैनिकों के साथ मिलकर स्वर्ण जयंती वर्ष की खुशियां साझा की।

 

सैन्य पृष्ठभूमि का योगदान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वह आज राजनीति में जिस स्थान पर हैं, उसमें उनकी सैन्य पृष्ठभूमि और 14 गढ़वाल राइफल्स में बिताए समय का बहुत बड़ा योगदान है। अनुशासित सैन्य जीवन ने ही उन्हें लगातार चार बार विधायक और प्रदेश में कैबिनेट मंत्री के रूप में जनसेवा करने का अवसर दिया।

 

कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले में वीर नारी लक्ष्मी देवी, दीपा रावत, बसंती देवी, आशा देवी, चिमुडी देवी, दीपा देवी, सेना मेडल धारक राइफलमैन कर्मेन्द्र सिंह, सूबेदार प्रेम सिंह, हवलदार खिलाफ सिंह रहे।

 

इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें 14वीं गढ़वाल राइफल्स पूर्व सैनिक संगठन के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन (सेनि) गुलाब सिंह, नायब सुबेदार (सेनि) बलवंत सिंह पंवार, सुबेदार (सेनि) महाराज सिंह, कैप्टन (सेनि) ज्योति रौतेला, विक्रम सिंह, धर्म सिंह, डा0 सुभाष सहित कई अन्य उपस्थित रहे।