हरक सिंह रावत के विवादों का हिसाब कौन देगा? जेनी के बयान से फिर उठी जवाबदेही की मांग!

हरक सिंह रावत के विवादों का हिसाब कौन देगा? जेनी के बयान से फिर उठी जवाबदेही की मांग!

 

 

जेनी प्रकरण से लेकर सोनिया आनंद रावत और दीप्ति रावत के सवालों तक—हरक सिंह रावत एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं।

अब जेनी ने भी 2003 की घटना पर सबूतों के साथ अपनी बात रखने का ऐलान कर दिया है।

उत्तराखंड की सियासत में हरक सिंह रावत का नाम एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।

जेनी प्रकरण में पहले भी उनका नाम विवादों से जुड़ा था। उस समय राज्य और केंद्र दोनों जगह कांग्रेस की सरकार थी। अब वर्षों बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है।

 

दूसरी ओर सोनिया आनंद रावत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके नाम, बच्चों के दस्तावेजों में दर्ज पिता के नाम और हरक सिंह रावत से बताए जा रहे रिश्ते पर दीप्ति रावत ने सार्वजनिक रूप से सवाल किए हैं। दीप्ति ने पूछा है कि सोनिया अपने नाम के साथ रावत क्यों लिखती हैं और ‘Wife of Harak Singh Rawat’ लिखने का आधार क्या है?

 

इसी बीच हरक सिंह रावत की ओर से महेंद्र भट्ट को लेकर जेनी के बच्चों के संदर्भ में डीएनए जांच कराने जैसी टिप्पणी किए जाने की बात सामने आई। जेनी ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 23 साल बाद उनका नाम लेकर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 2003 में उनके साथ क्या हुआ था, वह सबूतों के साथ खुद सामने आकर बताएंगी। उन्होंने इसके लिए एक दिन का समय भी मांगा है।

 

अब सवालों का केंद्र हरक सिंह रावत की प्रतिक्रिया और जेनी के आगामी खुलासे पर है। क्या हरक इन तमाम सवालों का जवाब देंगे? क्या जेनी की ओर से बताए गए तथ्यों की निष्पक्ष जांच होगी?

 

कांग्रेस से भी पूछता है उत्तराखंड: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग करने वाले नेता क्या जेनी की बात भी उतनी ही गंभीरता से सुनेंगे? क्या उनके लिए भी निष्पक्ष जांच और न्याय की आवाज उठेगी? न्याय किसी पार्टी, नेता या राजनीतिक सुविधा का मोहताज नहीं होना चाहिए।

उत्तराखंड का सवाल सीधा है—हरक सिंह रावत जवाब कब देंगे और जेनी की बात की निष्पक्ष जांच कब होगी?